मुरादाबाद। रक्षाबंधन 2026 इस वर्ष 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस पावन पर्व को लेकर वैष्णवाचार्य धीरशांत "अर्द्धमौनी" जी ने इसका पौराणिक महत्व बताया। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार सबसे पहला रक्षासूत्र माता लक्ष्मी ने राजा बलि की कलाई पर बांधा था। भगवान विष्णु को अपने साथ ले जाने के लिए माता लक्ष्मी ने राजा बलि को भाई बनाकर रक्षासूत्र बांधा और भगवान विष्णु को पुनः प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह विश्वास, सुरक्षा, स्नेह और पारिवारिक एकता का पवित्र प्रतीक है। यह पर्व हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम सदैव अपनी मातृ-शक्ति की रक्षा, सम्मान और सहयोग करें तथा समाज में प्रेम और सद्भाव बनाए रखें। अर्द्धमौनी जी ने इस बार रक्षाबंधन मनाने का सही मुहूर्त और रक्षासूत्र बांधने का मंत्र भी बताया।
सुनील दिवाकर, Yis News channel moradabad
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